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Written by अम्बरीष राय   
Saturday, 28 April 2012 06:14

वो रात

दीपा ने अपने सीने पर हाथ रखा और अचानक तेजी से कुछ ऐसा घटा कि दूध की एक पतली धार बिस्तर के कोनों को भिगो गई. दीपा बोली''इसे ऐसे ही निकाल देती हूँ. बेटे को पिला नहीं सकती क्योंकि बह्तों के मुंह लगता है ये मेरा सीना. घिन सी आ जाती है. ऐसे में मेरे बच्चे का हिस्सा बाथरूम की नाली में बहता सिसकता रह जाता है. ''


पूरी गली खामोश हो चली थी. या लोग सो चुके थे या फिर सोने के जुगाड़ में थे. अपने दो साल के बेटे को निहारती दीपा एक अदद ग्राहक के बारे में सोच रही थी. कौन होगा, कैसा होगा वह शख्स जिसके शरीर की गर्मी आज उसके शरीर में घुसने के लिए मचल पड़ेगी

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Written by पूर्वांचल न्‍यूज़ ब्‍यूरो   
Monday, 02 April 2012 19:25

 

कौन सा ये दौर है

ये कौन सी उम्र है , कौन सा ये दौर है 
हर तरफ तनहाईयां , हर नज़र खामोश है 
ये कौन सी उम्र है , कौन सा ये दौर है
जवानी का सुरूर है ,कुछ उम्र का गुरूर है

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Written by अम्बरीष राय   
Thursday, 29 March 2012 13:46

मुसलमान होना गुनाह?

कहीं धमाके हुये नहीं कि कोई मोहम्मद, अहमद, सुलेमान उसके मास्टर माइण्ड के रूप में खड़ा कर दिया जाता है. सुरक्षा एजेंसियां एक चेहरे को मास्टर माइण्ड बनाकर जब मीडिया को खबरें लीक करती हैं तो मीडिया का एक बड़ा तबका न्यायालय की भूमिका में आकर फैसला भी सुनाने लगता है. तब तक उसी धमाके में एक और गिफ्तारी होती है, फिर मास्टर माइण्ड का खिताब पहले से छीनकर दूसरे को दे दिया जाता है. फिर पूरी बेशर्मी से दूसरे मास्टर माइण्ड का पोस्ट-मार्टम शुरू हो जाता है.

लगता है मुसलमान होना गुनाह हो गया है इस देश में’ यह सुनकर धक्का सा लगा. क्या हो गया जो एक बुजुर्गवार इस तरह की बात कह रहा है? तफसील में गया तो मानो जख्मों से खून रिसने लगा हो. बूढ़ी आंखों के दर्द बस डबडबा कर रह गये. मोहम्मद सलीम! उनका यही नाम था. उन्होंने कहा कि हमारा वतन हिन्दुस्तान, हमारा करम हिन्दुस्तान लेकिन हुकूमत, लगता है किसी दूसरे देश की, किसी दूसरे नज़रिये की है.

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Written by अम्बरीष राय   
Saturday, 17 March 2012 01:25


आई लव यू रेड चिली. ...

 अचानक उसने बोलना छोड़ दिया. ऐसा नहीं कि उसकी जुबान चली गई. बस सबसे मुस्कुराती हँसती बोलती 'लाल मिर्ची' ने मुझसे बोलना छोड़ दिया. दिलों की गहराईयों में समाई उसको मैं प्यार से लाल मिर्ची ही कहा करता था. मैंने उसके ढेर सरे नाम रख छोड़े थे. लेकिन लाल मिर्ची  'रेड चिली' मुझे बहुत पसंद है.शायद इसलिए कि उसने मुझे कभी लाल मिर्ची हँसते- हँसते पकड़ा दी थी. उसकी हँसी में दी गई लाल मिर्ची आज भी मेरे पास है.

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Written by पूर्वांचल न्‍यूज़ ब्‍यूरो   
Sunday, 04 March 2012 20:02

इश्क में डूबे इस कदर

 तेरे इश्क में डूबे इस कदरये जानकर भी

 कि तू बेवफा है

तेरी बेवफाई भी नजर नहीं आई

 तेरा झूठ भी सच लगा

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